दबा दी जाती है हर वो आवाज,जो इंसाफ,सच्चाई के लिए होती है…

दबा दी जाती है हर वो आवाज,जो इंसाफ,सच्चाई के लिए होती है
कौन कहता है ज़ानाब,मीडिया सिर्फ चन्द पैसो के लिए होती है!

नीचे से ऊपर तक हर कोई खाता है,तब जाकर कही गरीब का लोन पास हो पाता है!
जो बीच का कोई अधिकारी घूस नहीं पाता है,तो योजना ठांडे बस्ते में चला जाता है!

सुना है कानून के हाथ बहुत लम्बे होते है मगर
जज साहब के सामने पैसे लेने वाला बाबू क्यो नहीं पकडा जाता है!

एक बात जो आजतक ना समझ आई मुझे कि ‘देश की सेवा करने का अवसर मांगने वाला’ गरीब नेता, बस कुछ ही सालो में करोडो का मालिक कैसे बन जाता है!

राजनिती का ये जादू,आम जनता को समझ ही नहीं आता है,
नेता-जी की राजनिती कब Family-Business बन जाती है, कोई समझ ही नहीं पाता! अपने बाद हर नेता अपने बेटे-बहू को है राजनिती के मैंदान में ऊतारता!

जनता भी बेचारी क्या करे उसकी वैसे भी कोई नहीं सुनने वाला तो ज़िसने किये अच्छे वादे और अपनी जात का है उनको ही वोट डाल है आते!

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ये वक्त की माया है जो हर तरफ अंधेरा छाया है…

ये वक्त की माया है जो हर तरफ अंधेरा छाया है
हर बुरे वक्त के बाद, अच्छा वक्त भी तो आया है
ईश्वर ने क्या सिस्टम बनाया है सब मोह-माया है
फिरभी अाजतक किसी को, यह बात समझ नही आया है

हम काट रहे ज़िन्दगी धन-दौलत बचातेे, अपनो के लिये
क्यो नही समझते कि ना कोई लाया था, ना ले जा पाया है
जी लो खुलकर, जीवन के हर एक पल को, मेरे दोस्तो
क्योकि बिता हुआ पल फिर कभी ना लौटकर आया है

यह था मेरा अनुभव जो मैने आपको बताना चाहा है
जो समझे तो ठीक नही तो उन्हे वक्त ने समझाया है
जिसने भी धन-दौलत के चक्कर में अपनो को गवाया है
उसके आखरी वक्त में, अपना कोई भी काम ना आया है!

जो खुद ना समझा,वो दुनिया को समझाना चाह रहा हू मैं…

जो खुद ना समझा,वो दुनिया को समझाना चाह रहा हू मैं
असफल रहा, फिरभी सफलता के बारे में बता रहा हू मैं
मंजिल क्यो दूर रही, हर बार, बस एक कदम मुझसे
चंद अल्फाजो में यही बताना चाह रहा हू मैं
असफल हू फिरभी सफलता के बारे में बताना चाह रहा हू मैं !!

उलझा रहा ज़िन्दगी भर किताबो में, कुछ इस कदर
सोचता था एक अच्छी ज़िन्दगी बना रहा हू मैं
पर जब से सिखा है ठोकार खा-कर सिखने की कला
कुछ ना कर के भी,सबकुछ पा रहा हू,किस्मत चमका रहा हू मैं
असफल हू फिरभी सफलता के बारे में बताना चाह रहा हू मैं !!

An attempt to express my thought, through above lines I want to say that only books are not enough for real life. One who is having art of understanding things from stumbled will definitely become successful. And most important thing is that I believe that a unsuccessful man can tell you about success is better than successful man because only he knows what was the lack.

हे प्रभु! आपकी माया ना अब तक कोई समझ पाया…

हे प्रभु! आपकी माया ना अब तक कोई समझ पाया
जिस इन्सानो को आपने है बनाया,
उन्होने ही अाज,आपको बचाने का संकल्प है उठाया
ना जाने इस भ्रम मे कितनो लोगो ने, जान है गवाया
फिर भी लोगो को, ये बात समझ में ना आया
आप ही हो सत्य, बाकी सबकुछ है मोह-माया !!

जीने की होड, मैं चला छोड़…

एक परदेशी जो अपना घर-परिवार चलाने को कुछ पैसे कमाने को घर से मिलो दूर काम करता है, एक दिन अचानक से उसे पता लगता है कि उसके पिता जी की तबियत बहुत खराब है, वह तुरन्त घर को पहुचता है, कुछ दिन के देख-भाल के बाद उसके परिवार वाले उसे वापस काम पर जाने को कहते हैं क्योकि उसे रोज Office से Call आ रहा होता हैं, पिता चाहते हुए भी उसे रोक नही पा सकते थे, जैसे ही वह परदेश पहुचता है अगले ही दिन उसे पता चलता है कि उसके पिता जी नही रहे उनका स्वर्गवास हो चुका होता है|

शायद पुत्र के मन में उस समय यही लाइने गुंज रही होंगी..

काश! तुमने हाथ तो बढ़या होता
मुख से ना ही सही, मन से ही आवाज लगाया होता
छोड़ देता, हर काम-काज मैं अपना
ये आखरी मुलाकात है, जो किसी ने भी बताया होता.!!

पिता के मन की कुछ लाइने, पुत्र के लिए:

जीने की होड, मैं चला छोड़
मेरे अर्थी को कन्धा लागा जाना
जोडकर रखना रिश्ते-नातो को
मेरे जाते ही ना सबकुछ भूला जाना !
लेखक : आपका प्रिंस

वो रूठते रहे, हम मानते रहे…

वो रूठते रहे, हम मानते रहे
ना बोल कर, नाराजगी जताते रहे
चोट हमको लगती, दर्द वो खाते रहे
बस कुछ इस कदर हम जिंदगी बिताते रहे |

जाला कर प्यार की ज्योति…

जाला कर प्यार की ज्योति
दिल को अकसर वो रूला जाते हैं
कहते है चाहते हैं हमे,जान से भी ज्यादा
पर जब कहो मिलने को तो घाबरा जाते है !

उनके दिल मे बसा है डर कुछ इस कदर
कुछ ना बोल कर भी, सब कुछ बतला जाते है